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Sunday, 24 November 2013

"तेरा ही इंतज़ार है इस सूनी ज़िन्दगी में "

तू जिस दिन मिलेगी मुझे तेरे साथ सपने सजोना चाहता हूँ ,
तुझे हर ख़ुशी से रुबरु करना चाहता हूँ ,
तेरे सारे गमों को मीठी हसीं में बदल देना चाहता हूँ। 
तुझे अपनी ज़िन्दगी में सूरज कि तरह उगता हुआ देखना चाहता हूँ
सरोवर कि तरह तुझे बहते हुए देखना चाहता हूँ ,
पहली बारिश में कली कि तरह खिलते हुए देखना चाहता हूँ।
आसमान कि नीली चादर कि तरह तेरी ज़िन्दगी में छा जाना चाहता हूँ,
तितली कि तरह आसमान में कोशिश करते हुए देखना चाहता हूँ।
तेरी मुस्कराहट पर पूरा जीवन गुज़ार देना चाहता हूँ,
तेरी नीली आँखों में डूब कर खो जाना चाहता हूँ,
तेरी पायल कि खनकार से खनकना चाहता हूँ,
तेरे गालों कि लाली में खुद पीला हो जाना चाहता हूँ।
बस अब तेरा ही इंतज़ार है मेरी खाली ज़िन्दगी में,
इन् ख्वाईशों को अब हक़ीक़त में बदल देना चाहता हूँ।