Follow by Email

Thursday, 4 January 2018

"सोरत-र -हाल बनाए नहीं जाते हुज़ूर"



जब कोई गुल चमन से चला जाता है,माली परेशान सा हो जाता है। 

जब कोई अपना पराया कर जाता है,दिल बेचैन सा हो जाता है। 

सोरत-र -हाल बनाए नहीं जाते हुज़ूर, मगर 

जब कोई मुहिब दूर चला जाता है ,मन तन्हा सा हो जाता है ,




गुल:Flower
चमन:Garden
मुहिब :Friend/Dost
सोरत-र -हाल : Distance/Faasle

Monday, 25 September 2017

यूँ तो हज़ारों मिले


यूँ  तो हज़ारों मिले राहोँ में हमें ,   

पर तुमसा न मिला उन हज़ारों में कहीं। 

ढूंढ़ता रहा सितारों कि चादर में तुम्हे, 

पर तुमसा सितारा न मिला कहीं। 

वक़्त,करवट लेगा ये पता था हमें ,

पर तुम्हारे आने से वक़्त थम सा गया कहीं। 

Sunday, 21 May 2017

आपकी मुस्कराहट!!!


आपकी मुस्कराहट चेहरे का नूर बड़ा देती है ,

ना जाने कितने दिलों को जोड़ जाती है। 

ये सेहर है आपकी मुस्कुराहट का ए-हसीना ,

ना जाने कितने आशिक़ों को तड़पा कर चली जाती है। 

Friday, 25 November 2016

तुम्हारी मुस्कुराहट में जो नशा है !!



तुम्हारे चेहरे में जो बात है वो किसी चित्रकारी में कहाँ ,

तुम्हारी आँखों में जो अदाएं है वो किसी कलाकार में कहाँ। 

तुम्हारे दीवाने है हम तो खुदा कि कसम ,

तुम्हारी मुस्कुराहट में जो नशा है वो किसी शराब में कहाँ।