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Sunday, 4 February 2018

ये किसने देखा !!



हमारे जनाज़े में कौन रोया,ये किसने देखा 

हमें ज़माने ने दर्द दिया ,ये किसने देखा। 

उन दर्द को दबा कर रखा था कहीं किसी कोने में ,

हमने उन्हें अक्षों में बहा दिया,ये किसने देखा। 

Thursday, 4 January 2018

"सोरत-र -हाल बनाए नहीं जाते हुज़ूर"



जब कोई गुल चमन से चला जाता है,माली परेशान सा हो जाता है। 

जब कोई अपना पराया कर जाता है,दिल बेचैन सा हो जाता है। 

सोरत-र -हाल बनाए नहीं जाते हुज़ूर, मगर 

जब कोई मुहिब दूर चला जाता है ,मन तन्हा सा हो जाता है ,




गुल:Flower
चमन:Garden
मुहिब :Friend/Dost
सोरत-र -हाल : Distance/Faasle

Monday, 25 September 2017

यूँ तो हज़ारों मिले


यूँ  तो हज़ारों मिले राहोँ में हमें ,   

पर तुमसा न मिला उन हज़ारों में कहीं। 

ढूंढ़ता रहा सितारों कि चादर में तुम्हे, 

पर तुमसा सितारा न मिला कहीं। 

वक़्त,करवट लेगा ये पता था हमें ,

पर तुम्हारे आने से वक़्त थम सा गया कहीं। 

Sunday, 21 May 2017

आपकी मुस्कराहट!!!


आपकी मुस्कराहट चेहरे का नूर बड़ा देती है ,

ना जाने कितने दिलों को जोड़ जाती है। 

ये सेहर है आपकी मुस्कुराहट का ए-हसीना ,

ना जाने कितने आशिक़ों को तड़पा कर चली जाती है।